
रुबिका लियाकत का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें उन्होंने अपनी धार्मिक पहचान और राष्ट्रीय एकता का भावुक संदेश दिया। एक प्रमुख न्यूज़ एंकर के रूप में जानी जाने वाली रुबिका ने स्पष्ट कहा कि वे मुसलमान हैं, रोज़ा रखती हैं, नमाज़ पढ़ती हैं, लेकिन सबसे पहले भारत की बेटी हैं। मुसीबत में सऊदी अरब नहीं, बल्कि बगल का हिंदू भाई ही ढाल बनेगा—यह लाइन ने लाखों दिल जीत लिए।
बयान का संदर्भ
यह बयान हालिया सामाजिक तनावों के बीच आया, जब धार्मिक विभाजन की बातें तेज हो रही थीं। रुबिका ने एंकरिंग के दौरान या सोशल मीडिया पर इसे दोहराया, जो हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक बन गया। उदयपुर, राजस्थान से ताल्लुक रखने वाली रुबिका ने कहा, “एकता ही हमारी ताकत है।” यह संदेश राम मंदिर, वक्फ विवाद जैसे मुद्दों पर बहस के बीच आया, जहां वे राष्ट्रवादी स्टैंड लेती रही हैं।
रुबिका का सफर
1988 में उदयपुर में जन्मी रुबिका ने मुंबई यूनिवर्सिटी से मास मीडिया में ग्रेजुएशन किया। 2007 में लाइव इंडिया से करियर शुरू कर न्यूज़ 24, जी न्यूज़ होकर अब एबीपी न्यूज़ में सीनियर एंकर हैं। ‘ताल ठोक के’ जैसे शोज से प्रसिद्धि पाई। 2012 में पत्रकार नावेद कुरैशी से शादी की, दो बच्चे हैं। वे अपनी साफगोई के लिए जानी जाती हैं—चाहे CAA हो या किसान आंदोलन।
सोशल मीडिया पर धूम
बयान वायरल होते ही RubikaUnity और HinduMuslimEkta ट्रेंड करने लगे। फैंस ने लिखा, “रुबिका ने सच्चाई बोल दी!” कुछ ने तारीफ की, तो ट्रोलर्स ने धार्मिक टिप्पणियां कीं। लेकिन ज्यादातर ने एकता के पैगाम को सलाम किया। यह बयान बॉलीवुड से लेकर राजनीति तक चर्चा में रहा, जहां रुबिका को ‘राष्ट्रप्रेम की आवाज’ कहा गया।
एकता का संदेश
रुबिका का यह स्टैंड साबित करता है कि पत्रकारिता में धार्मिक सीमाएं तोड़ना संभव है। वे कहती हैं, “भारत मेरी पहचान है, धर्म व्यक्तिगत।” यह बयान युवाओं के लिए इंस्पिरेशन है, जो सोशल मीडिया पर नफरत फैला रहे। कुल मिलाकर, रुबिका ने साबित किया कि एकता ही असली ढाल है।
रिपोर्ट अनूप कुमार निषाद




